डॉ. सुरेंद्र नारायण सक्सेना जी का जन्म 2 सितम्बर 1951 को ऐतिहासिक नगरी झाँसी (उत्तर प्रदेश) में हुआ। आपने एम.ए. और पी-एच.डी. तक की उच्च शिक्षा प्राप्त की है और अपना संपूर्ण जीवन हिंदी साहित्य के संवर्धन, ऐतिहासिक शोध और अकादमिक उत्कृष्टता को समर्पित किया है। आपका रचना-संसार मातृभूमि के प्रेम, प्रकृति के सौंदर्य और समाज के विविध परिदृश्यों को अत्यंत सजीवता से प्रस्तुत करता है।
परिचय
सेवानिवृत्त एसोसिएट प्रोफेसर, प्रख्यात साहित्यकार एवं इतिहास-अध्येता
शिक्षा
एम.ए. (हिंदी साहित्य), पी-एच.डी.
शैक्षणिक पदचिह्न
आपने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झाँसी से सम्बद्ध मथुरा प्रसाद महाविद्यालय, कोंच (जालौन) में एसोसिएट प्रोफेसर एवं हिन्दी विभागाध्यक्ष के रूप में अपनी सुदीर्घ और गौरवशाली सेवाएँ प्रदान कीं। एक उत्कृष्ट शिक्षक होने के साथ-साथ आपका अकादमिक प्रशासन एवं साहित्य-सृजन में भी अविस्मरणीय योगदान रहा है।
जीवन कालखंड
-
१९७५
स्नातक
हिन्दी साहित्य में स्नातक -
1951
जन्म
ऐतिहासिक नगरी झाँसी (उत्तर प्रदेश) में जन्म। -
1951
जन्म
ऐतिहासिक नगरी झाँसी (उत्तर प्रदेश) में जन्म। -
१९८५
प्राध्यापक पद पर नियुक्ति
विश्वविद्यालय में हिन्दी विभाग -
1972
काव्य पाठ का श्रीगणेश
प्रांतीय एवं स्थानीय कवि मंचों से काव्य पाठ का शुभारंभ, जो आज भी अनवरत जारी है। -
1972
काव्य पाठ का श्रीगणेश
प्रांतीय एवं स्थानीय कवि मंचों से काव्य पाठ का शुभारंभ, जो आज भी अनवरत जारी है। -
२०१०
१८५७ शोध प्रकाशन
क्रांति पर महत्त्वपूर्ण शोध ग्रंथ
糱 ग्रंथ अनुक्रमणिका (Table of Contents) 糱
इस संग्रह में समाहित प्रमुख कड़ियों एवं शीर्षकों का विवरण:
✦
1. मंगलाचरण (Mangalacharan)
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2. माटी (Maati)
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3. दर्पण (Darpan)
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4. रूप प्रकृति के (Roop Prakati ke)
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5. स्वप्न लड़कपन के (Swapn ladakpan ke)
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6. तुम मेरे मन को भाये (Tum mere Mann ko bhaye)
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7. घुमक्कड़ी (Ghumakkadi)
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8. वात्सल्य (Vatsalya)
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9. मैं और मेरे (Main aur mere)
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10. हास्य व्यंग्य (Hasya Vyangaya)
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11. बोल बुंदेली के (Bol bundeli ke)
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12. शुभेच्छा (Shubheksha)
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