दशावतार मंदिर: गुप्त काल का रत्न
झाँसी-ललितपुर क्षेत्र में स्थित देवगढ़ अपनी प्राचीन मूर्तिकला के लिए वैश्विक स्तर पर प्रसिद्ध है। यहाँ का ''दशावतार मंदिर'' गुप्त काल (5वीं शताब्दी) की वास्तुकला का सबसे बेहतरीन नमूना है। यह भारत के उन पहले मंदिरों में से एक है जहाँ शिखर का निर्माण किया गया था।
बेतवा नदी और नाहर घाटी
बेतवा नदी के किनारे स्थित नाहर घाटी में चट्टानों को काटकर बनाई गई जैन तीर्थंकरों की मूर्तियाँ और शिलालेख प्राचीन भारतीय इंजीनियरिंग का प्रमाण हैं। देवगढ़ केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि कला के जिज्ञासुओं के लिए एक खुली किताब की तरह है।
ऐतिहासिक स्रोत:
- ASI (Archaeological Survey of India) - गुप्तकालीन स्थापत्य रिकॉर्ड।
- जैन शिलालेख संग्रह।