गढ़कुंडार का रहस्यमयी किला: खंगार राजवंश की शौर्यगाथा

स्थापत्य कला का अद्भुत चमत्कार

गढ़कुंडार का किला बुंदेलखंड की सबसे रहस्यमयी इमारतों में से एक है। यह किला इस तरह बनाया गया है कि यह 4-5 किमी दूर से तो दिखता है, लेकिन पास आने पर आँखों से ओझल हो जाता है। 11वीं शताब्दी में निर्मित यह दुर्ग खंगार राजाओं की शक्ति का केंद्र था।

इतिहास और बलिदान

किले में पाँच मंजिलों का ढांचा है, जिसमें से दो मंजिलें जमीन के नीचे हैं। इतिहासकारों का मानना है कि यहाँ का खजाना और भूलभुलैया आज भी रहस्यों से भरी है। यह किला खेत सिंह खंगार के शौर्य और विदेशी आक्रमणों के खिलाफ बुंदेलखंड के प्रतिरोध का प्रतीक है। प्रसिद्ध लेखक वृंदावनलाल वर्मा ने इस पर ''गढ़कुंडार'' नामक ऐतिहासिक उपन्यास भी लिखा है।


ऐतिहासिक स्रोत:

  • वृंदावनलाल वर्मा - ऐतिहासिक शोध आधारित उपन्यास।
  • स्थानीय पुरातात्विक सर्वेक्षण।

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